Friday, February 1, 2013

देश में  आज में देख रहा हूँ की राजनितिक पार्टियों के पिट्ठू कभी किसी का और कभी किसी का नाम PM पद के  उछाल रहे हैं ! पर    उनमे से कोई ये दावा,  वादा   करता नहीं दिखता  की क्या होगा, कैसे होगा !

हमें कैसा प्रधान मंत्री चाहिए ?
ऐसा जो की  ....
1. पहले साल में
अ)  जेल में बंद परे सारे गंभीर अपराधियों को फांसी दे दे . और जेल में आम अपराधियों के लिए और गंभीर अपराधियों के लिए अलग अलग वयवस्था करे !
ब)   अदालतों में लटके सभी मामलों के निपटान को सुनिश्चित करे और सुनिश्चित करे की  कोई मामला 1 साल से ज्यादा  न लटके
स)   पूरे देश में  सभी की सम्पति का  सारा ब्यौरा एकत्रित कर सबको राष्ट्रीय कार्ड दे दे !  कार्ड से ज्यादा किसी से  कोई सम्पति  मिले तो वो राष्ट्रीय मानी जाए!

ड)   देश में नागरिक से नागरिक में भेद करने वाले सभी एक्ट निरस्त कर दे !
इ)  एक  आमदन का  ख़ुशी क्षेत्र  तय किया  जाए और सभी देशवासियों को  उसमे ले  जाने की व्यवस्था  की जाए ! ये सुनिश्चित किया जाए की हफ्ते में 5  दिन रोज 8 घंटे कार्य करने वाला कोई भी नागरिक अपना  और अपने माता पिता बीवी व् दो बच्चो का गुजारा शान से चला सके !
फ)  सभी नागरिकों को शिक्षा , सुरक्षा  और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त मिलें बदले में सभी नागरिक अपनी आमदनी  का कुछ प्रतिशत राष्ट्र को दान दें 
ग)  सभी  सरकारी नौकरियां आर्मी के रस्ते मिलें , ताकि देश को लूटने से पहले वो जान  सकें की कैसे इस देश की हिफाजत की जाती है !
2. दुसरे साल में
अ)   देश के सभी राज्यों  में  बिजली के  परमाणु या किसी  ईंधन से चलने वाले इतने सयंत्र प्लान करे की आने वाले 4 साल में सभी को 24 घंटे  मिल सके !
ब)   देश की सारी आबादी के लिए संचार और यातायात के सुगम और स्वदेशी साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो !
स)  एक सर्वमान्य विवाह कानून बनाया जाए जिससे स्त्री पुरुष की समान भूमिका सुनिश्चित हो और लैंगिक अपराध  नियंत्रित हों
ड)  देश में मोजूद सभी गैरजरूरी टेक्सों को ख़तम किया जाए क्योंकि टेक्स का  उदेश्य सिर्फ
      1. राष्ट्रीय  खर्च की पूर्ति
      2. अमीर गरीब के अंतर को घटाना  और
      3. असामाजिक आर्थिक गतिविधियों को हतोत्साहित  करना ही होना चाहिए
इ)  सभी नागरिक सेवा केन्द्रों पर कंप्यूटर को बिचोलिया  बनाकर अधिकारीयों पर लगाम लगाये
फ) सभी जिला या ब्लाक स्तर पर उपयुक्त केंद्र बनाये  जिसमे सभी अधिकारीयों, पुलिस/ सैनिक, व बेघर लोगों के लिए सुरक्षित निवास हों और सभी सरकारी दफ्तर हों !
ग) पूरे देश में एक समान शिक्षा का पाठ्यक्रम करे ! 
ह) सभी  नौकरियों के लिए 10+2 के बाद परीक्षा हो जिसमे सब  कंप्यूटर द्वारा किया जाए !

Pending...............

Monday, January 28, 2013

दिल्ली  में एक अपराध होता है और जनता  सडको पर इन्साफ के लिए उतर जाती है सरकार पहले इसका विरोध करती है लाठी चार्ज करती है और कुछ  दिन के आन्दोलन के पश्चात कुछ खाना  पूर्ति  करती है !

 अगर ये घटना देश के किसी गाँव में हुई होती या जनता सडको पर न  आती तो क्या होता, इन्साफ तो दूर की बात है ! उस युवती की लाश लेने के लिए भी शायद  पुलिस और हस्पताल के कर्मचारियों को रिश्वत देनी पड़ती !

जी हाँ ऐसे लाखों केस देश में होते हैं जिनके लिए कोई सड़कों पर नहीं आता !

इस सब का समाधान क्या  कठोर सजा ही  है ! या कठोर सजा इसका बदला भर है !
 किसी भी अपराध के तीन अंग होते हैं !
1. अपराधिक मानसिकता
2. अप्राधुप्युक्त माहौल
3. आसान शिकार 

अपराध रोकने के लिए इन तीनों में से किसी एक को हटा दें तो आपराध नहीं होगा 
परन्तु एक अच्छा समाज व  राष्ट्र  बनाने के लिए हमें इन तीनों कारणों को हटाना पड़ेगा 


कठोर सजा इस समस्या का हल नहीं अपितु बदले की कार्यवाही है !
कठोर दंड आवश्यक है पर काफी नहीं , आवश्यक है की सजा हो और  समय से हो .......................................

Tuesday, April 17, 2012

आज भारत के हालात चाहे कुछ भी हों! हमें मायूस नहीं होना है ! ये हालात बदलने हैं ! अगर हम अंग्रेजों के चंगुल से इस देश  को छुड़ा सकते हैं तो इसे दुनिया का सबसे अच्छा रहने लायक स्थान भी बना सकते हैं!
तो हमारी  क्या योजनाये हैं और क्या चुनोतियाँ हैं ! और उनके क्या समाधान हैं!
सबसे पहले क्या ?  चाहते हैं हम!

देश के सविधान के अक्षरक्ष अमल के इलावा हमारा उद्देश्य है की इक ऐसी व्यव्स्था हो की एक व्यक्ति दुसरे व्यक्ति का शोषण न कर सके !
हमारे सपनो के भारत में साथियों ......................... (आप सभी के विचार आमंत्रित हैं)

Monday, April 16, 2012

हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी  धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य  बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को:
सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय,
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,
प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए,
तथा उन सबमें,
व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता  सुनिश्चित कराने वाली, बंधुता बढ़ाने के लिए,
दृढ़ संकल्प होकर अपनी संविधानसभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ईस्वी (मिति माघशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हजार छह विक्रमी) को एतद़ द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।


Sunday, March 25, 2012

साथियों हमें हर गाँव में सेना बनानी है!
ऐसे लोगों की जो अपने बच्चो को अच्छा घर ही नहीं अच्छा देश भी देना चाहते हैं
वो सेना एक इन्टरनेट सर्वर के जरिये आपस में जुडी रहेगी!
और देश के सविधान का उलंघन करने वालों के खिलाफ लड़ेगी
चाहे वो कोई अफसर हो नेता हो या कोई आम आदमी
क्या ऐसा हो पायेगा आपकी क्या राय है ?

Friday, March 23, 2012

देश को चलने के लिए केवल 544+544+12=1100 बन्दे चाहियें क्या बहुत ज्यादा हैं ? नहीं न फिर क्यों देश सही नहीं चल रहा है और चल भी नहीं सकता, जब तक ये लोग अपने बच्चो को विदेश में पढ़ाएंगे कोई भी योजना केवल जाती, धर्म के आधार पर बनाएगे इन्साफ मैं देर लगाएँगे हमें धर्म के नाम पर लड़ायेंगे केवल वोट मांगने गलिओं मैं आएंगे, कुछ भी सुधर करना हो तो सिखने विदेशो मैं जाएँगे और हम इन्ही को चुनते जाएँगे क्या आप इन 1100 में से एक हो सकते हैं ? पर शर्त ये है की बन्दे चाहिएं हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई या पारसी नहीं जाट गुर्जर राजपूत या यादव भी नहीं पंजाबी गुजराती या मराठी भी नहीं चाहियें तो सिर्फ और सिर्फ बन्दे, इंसान , ईन्सनिअत जिनमे कूट - कूट कर भरी हो जो गाँधी जी की सहनशक्ति भगत सिंह का जज्बा सुभाष चंदर बॉस जैसी नेत्रत्व शक्ति और अपने सपनो पर विश्वाश रखते हो क्या आपमें है ये सब , तो ज्वाइन कीजिये एक नयी शुरुवात देश को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने की!
आज देश के हालत एक अदद क्रांति के लिए सर्वथा अनुकूल हैं ! बाबु की कलम से लेकर लड़ाकू विमान तक सब सम्मान खो चुके हैं ! स्कूल अध्यापक से लेकर रास्त्रपति तक धूर्त और उद्देश्यहीन हो चुके हैं !

देश की सबसे सशक्त इकाई समाज व्यक्तियों से मिलकर बना है , व्यक्ति कमजोर होंगे तो समाज भी कमजोर होगा और व्यक्तित्व की नीवं बचपन से ही आरंभ होती है!

आज देश का बच्चा होश सँभालते ही अँधा अनुकरण और भोतिक वस्तुओं के लिए तड़प और होड़ देखता है तो वो भी अपने मां बाप की तरह चटक पक्षी की तरह फरफराने लगता है ! किसी किसी घर में ही आवश्यक निति ज्ञान बच्चे को मिल पता है!

आगे का कार्य स्कूल देखते हैं सरकारी स्कूलों में अध्यापक पढ़ाने से ज्यादा बच्चे को डराने या बेगार करवाना अपना अधिकार समझाता है ! पढाता हैं तो डंडा दिखाकर , बच्चे का रट्टू तोता बना देते हैं ! और जो नहीं रटते उन्हें कमजोर बच्चा कहकर हीन भावना का शिकार बना दिया जाता है!

ऐसे देश में जिम्मेदार नागरिक कैसे बनेंगे कैसे ?