Monday, October 4, 2010

shaheedon ki chitaaon par lagenge har baras mele
watan pe mitne waalon ka yahin baaki nisan hoga

kahan hain vo mele ??
kahan hain vo nishan??

kahan hai vo ajadi jiske liye lakho shaheedon ne apni jaan dedi
shahheedon ke khoon se lal is ajadi ki kimat abhi humen chukaani hai

nahin chukaenge to bhugtana bhi humen parega socho ajadi ke baad humen kya mila hai aur kya abhi rahta hai?

1. Vote Kareeb adhe log vote dalne nahin jaate hai aur jo jaate hai vo jante nahin ki vote kaise daalen to log vote dalte hain use jo use naukry lagvade ya jo sharaab pilade ya kisi ameer admi ko jo gadi mein ghumaade

aur vote dalne ke baad raaj gore ka ho ya kaale ka koi kuchh nahin kar sakta

2. jameen kisan ko jameen mili par kab sarkaar adhigrahan kar le koi bharosa nahin kisaan bhi charon aur se sarkaar aur sarkarion se ghira hai

3. majdoor ko mila mminimum wages ka tohfa ajadi nahin majaak lagta hai, neta unke gharon mein raat gujaarkar number banate hain par minimum wages mein gujaara kaise ho ye nahin bataate hain

4......................................................................baaki kya mila hain mujhe samajh nahin aata sab tio vaise hi hai
siksha aaj bhi bhartiya sanskriti ka dum ghont rahi hai
police aaj bhi gareeb ka dalan aur amir se khairaat loot rahi hai
media aaj bhi westrn soch kojanta par thop rahi hai
divide and rule ne pahle desh kedo tukre karva diye aur ab bhi laga hua hai neta kursiyon par chpke hai janta doob rahi hai bari bari gadiyan (imported) tohfe mein di ja rahi hain

khair ye to sab sarfiron ki baate hain ye mauka nahin in baaton ka ye to khush hone ka mauka hai
desh mein commen wealth ho rahen hain neta bare khush hain desh mein CWG kamyaabi se ho jaenge to koi bhukha nahin rahega, adalto mein lakhon jhuthe sache mukdme jo chal rahe hain sab solve ho jaenge, sabhi bharstachari aur doshi netanon ko saja mil jaegi. desh mein faila avyvstha aur bhrastachari ka kapoot jo atankwaad hai vo bhi khatm ho jaayega


par commen wealth game mein game ke udghatan ko laker ek baat to shapast hai ki aaj bhi england ki maharani victoriya hamaare desh ki rashrtrapati se badi hai vo mharani hai aur hum gulaam (the??????????)

VANDE MATARAM

Sunday, August 22, 2010

आखिर कब तक ?

आज चारों तरफ बाढ़ का प्रकोप है ! बाढ़ का मतलब केवल बाढ़ नहीं इसके साथ आती हैं हजारों बीमारियाँ और भुखमरी, परन्तु हमारे नेताओं को इसकी नहीं अपनी सैलरी की फिकर है ! यह स्पष्ट है की आज भी देश में एक विशेष तबका है जो खुद को इंसान कहलाता है और सभी नीतिया केवल उसी तबके के लिए बनती हैं ! वो जो सरकारी नौकर हैं, वो जो नेता हैं, या वो जो उधोगपति हैं !
इसके इलावा देश में पैदा हुए लोग केवल इसी की सजा भुगत रहे हैं की वो भारत में पैदा हुए हैं ! की १० -१० घंटे काम करके भी उन्हें १०० रूपए मिलते हैं ! देश का कोई मंत्री या अफसर बता दे की कैसे गुजारा हो सकता है ! ये १०० तो केवल उन खुशकिस्मत लोगो को मिलते हैं जो किसी अछ्छी जगह काम ढूढ़ लेते हैं ! बाकी को मिलता है २० ३० या ५० !

मेरी अपील है राहुल गाँधी से सोनिया गाँधी से प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह से की इस बार बजट बनाए तो ऐसा की मिनिमुम वेजुस से एक परिवार का गुजारा हो ! या तो छोड़ दे कुर्सी क्योंकि कोंग्रेस का एकाधिकार देश पर भारी पद रहा है !

वन्दे मातरम

Tuesday, July 20, 2010

कार्ययोजना

हम पुरे देश में ग्राम स्तर पर ऐसे देश भक्तो को अक मंच पर ले आएँगे ! फिर देश के सविधान को अक्षरक्ष अमलीजामा पहनाया जाएगा! सरकार हो या विपक्ष सबको इस्फ़ के सत्य वार का सामना करना पड़ेगा ! जो कार्य समाज के बुद्धिजीवी लोग केवल सोचते हैं वो इस्फ़ की मदद से उसे कर पाएंगे ! हर जायज आवाज को आवाज मिलेगी और हर नाजायज बात को जवाब! देश में मोजूद संकड़ो पार्टियों की तरह इस्फ़ पूंजीपतियों की दलाली नहीं करेगी अपितु देश के असली रजा यानी प्रजा से चंदा लेगी और उसी का काम karegi

Tuesday, October 6, 2009

लोकतंत्र के महापर्व चुनाव पर समस्त साथीयों को बधाई व् सही चुनाव के लिए शुभकामनायें !
आजाद भारत में देश के सम्पूर्ण रजा हम हैं व् अपने राज्य का राजकाज देखने के लिए हम अपने प्रतिनिधि चुनेंगे आपके मत के अनुसार ये प्रतिनिधि अपना एक नेता चुनेंगे! वह नेता फ़िर सब राजकाज आपके चुने हुए प्रतिनिधियों की सलाह पर किया जाएगा! आइये वोट डालने से पहले जाने लोकतंत्र और राजतंत्र में अन्तर
जनता---------------> प्रतिनिधि -----------------> सीएम
या
राजा ----------------> सामंत -------------------->प्रजा
आज जो लोकतंत्र हमारे सामने है उसमे सीएम पहले से निश्चित है ! वो अपना प्रतिनिधि हम पर थोपता हैं ! और हम एक बार वोट देने के बाद बेबस और लाचार हो जाते हैं !
पर आज ये राज आपके हाथ में है दम रखो और अपना राज संभालो अपना प्रतिनिधि कर्तव्य और अधिकार से चुनो
अपना विधायक चुनने से पहले चुनाव करें

Tuesday, December 16, 2008

मुंबई हादसे से लेकर सड़क हादसे तक सब के लिए जिम्मेदार है हमारी लच्चर व्यवस्था और लालची व्यापारी सरकार और इस सरकार के लिए जिम्मेदार हैं हम हमारा लालच और अंधी दौड़! कभी रुक कर सोचेंगे तो पता चलेगा की हम अपना भविष्य खा रहे हैं ! तरक्की के नाम पर अपना अधिकार व्यापारिओं के हाथों सोपकर ख़ुद को उनका गुलाम बना रहे हैं !

जब तक देश का हर नागरिक ख़ुद को देश की व्यवस्था के लिए उतरदायी नहीं मानेगा गुलामी का सिलसिला चलता रहेगा ! जिस दिन हम जागे सब ठीक हो सकता है पर कहीं देर न हो जाए ........................................

Thursday, July 24, 2008

आज देश का हर व्यक्ति बहुत डरा हुआ और असुरक्षित है ! इसका कारण कोई और नही हम ख़ुद ही हैं ! किसी को अपने अच्छे और बुरे भविष्य का फ़िक्र अपने आप ही करना पड़ता है ! हमारे देश से तो उनको भी कोई उम्मीद नहीं है जिनका सारा जीवन देश की सेवा में गुजरा हो! जिसका सारा परिवार देश के लिए सरहद पर सहीद हो गया हो! तो आम आदमी देश से क्या उम्मीद कर सकता है ! क्या वो देश जिसके सर का ताज हिमालय हो जिसके पास दुनिया की हर खनिज संपदा हो! जो लीग पुरी दुनिया में जा कर अपनी काबलियत का लोहा मनवा चुके हों ! वहां आज भी लोगों को बीमारी का डकेती का भुखमरी का और बारिश का डर सताता है क्यों ? क्योंकि हम अपनी हस्ती को पहचान नहीं रहे हैं !

हम नहीं जानते की कितना कोयला हर रोज खदानों से निकल कर जाने कितने नेताओं, व्यापारिओं और बदमाशों की तिजोरिओं में चला जाता है कभी न निकलने के लिए इस पैसे का इस्तेमाल फ़िर देश के लिए या ख़ुद इन व्यापारिओं के लिए कभी नहीं होता होता है सिर्फ़ नुक्सान के ,चारित्रिक पतन के लिए, गरीबो के दलन के लिए और कानून तोड़ने के लिए बनवाने के लिए ......................

इसका भी कारण कोई और नहीं हम ख़ुद हैं ! देश को चलने की ताक़त किसी और में नहीं ख़ुद हममें है! अभी तक ये हमारा सोभाग्य है की हमारी इतनी लापरवाही के बाद भी लोकतंत्र बरकरार है इसमे हमारी बड़ाई नहीं है ! ये तो उन व्यापारिओं की आपसी प्रतिस्पर्धा है जो देश को ठेके पर चला रहे हैं और हम उन्हें चलने दे रहे हैकोई जात पात के अधर पर कोई शराब पीकर कोई अपने किसी योग्य या अयोग्य परिजन को नौकरी पर लगवाकर या कोई किसी काले धंधे को चला कर अपने वोट की कीमत वसूल कर रहा है ! हम नहीं जानते की अपने ही घर को लूटकर, अपने देश को लूटकर, अपने ही शहीद भाईओं की कुर्बानी को बेचकर, अपने ही बच्चों के भविष्य को खाकर हम अपने रस्ते में कांटे बो रहे हैं !

हम लोग अयोग्य नहीं है ! हम इतने निकम्में भी नहीं है ! इतने मुर्ख भी नहीं हैं ! हम अपनी आत्मकेंद्रित सोच और सक्रों बरसो की गुलामी से पैदा हुई परिस्थितियों में उलझे हुए हैं ! और चाहे तो देश में वो हालत पैदा हो सकते है जिनकी कल्पना हम स्वर्ग में करते हैं ! जरूरत है ...................................

किसी को फांसी पर चदने की जरूरत नहीं ! घर बार छोड़ने की जरूरत नहीं ! किसी दंगे की जरूरत नहीं ! किसी को मार भगाने की जरूरत नहीं जरूरत नहीं है किसी तीर की तलवार की या बन्दूक की !

जरूरत है तो केवल अपनी वोट को बिकाऊ न बनाने की देश को व्यापारिओं के हांथों न देकर ख़ुद चलने की .....................

Friday, March 7, 2008

हमें उम्मीद है की हमारी कोशिशे जरूर रंग लायेंगी, देश के तथा कथित बड़े बड़े नेताओं के भाषणों से सपष्ट मालूम होत है की देश के छोटे -2 tukde कर बाँट खाने व जनता को कमजोर लाचार और भिखारी बनाकर रखना चाहते हैं ! 50 साल के लंबे arse में ये लोग roti kapra और makaan जैसी molik jaroorton को भी पूरा नहीं कर पाये हैं kyoki ये लोग kevel vote के लिए कार्य करते हैं ! इसके ilava inka कोई agenda या udeshya नहीं होता ! और हम लोग भी इनकी बातों का यकीन करने को विवश हैं ! hamaare पास कोई चारा नहीं है !

नहीं !!!!!!!
हम लोग कमजोर हैं ?

नहीं !!!!!!!
हम केवल bnate हुए हैं ! daraae हुए हैं !
इस halat से niklane के लिए एक या कुछ लोग अपने जीवन का बलिदान दे इससे अच्छा है की हम सब अपनी agyanta, लालच और ATMKENDRIT सोच को छोड़ थोड़ा थोड़ा समय देश के लिए दे दे !

TO देश में किसी SMASYA के लिए स्थान नहीं BACHEGA !

JAY HIND